Sunday, September 27, 2015

बस थोड़ा सा पुशअप


हमारे अन्दर कई प्रतिभाएं छुपी होती हैं, जिनमें बारे में हमें पता ही नहीं होता, जब तक कि कोई हमें उससे अवगत न कराए या हमें पुशअप न करे. हम अपने आत्मविश्वास की कमी और जोखिम उठाने की हिम्मत न होने के कारण जीवन में ऐसी कई चुनौतियों का सामना किए बगैर ही हार मान लेते हैं,  जो यदि हम थोड़ी हिम्मत दिखाएं, तो लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं. हमें चाहिए कि हम अपनी काबिलियत पर विश्वास करें और ज़िन्दगी में मिले अवसरों का लाभ उठाएं.

इस संबंध में एक कहानी याद आती है कि कैसे एक प्रतिभाशाली साधारण सा युवक अनजाने मिले अवसर के बलबूते राज्य का उत्तराधिकारी बन बैठा. तो कहानी कुछ इस प्रकार है कि किसी राज्य का एक राजा था. उसे एक अजीब सा शौक था, वो अपने महल के अन्दर एक बड़ा सा तालाब बनवा रखा था और उसमें बड़े-बड़े सांप, मगरमच्छ, घड़ियाल आदि पाल रखे थे.
एक बार उसने अपने महल में एक बहुत बड़ा आयोजन किया, जिसमें उसने अपने राज्य एवं अन्य राज्यों  के नवयुवकों को निमंत्रित किया.
उस राज्य के एक साधारण से परिवार में एक युवक था, जो काफी प्रतिभाशाली था, परन्तु उसे अपनी प्रतिभा का स्वयं भान नहीं था. उसका एक मित्र था जो उसकी प्रतिभा को पहचानता था तथा उसे अवसर की तलाश थी जब वह अपने मित्र की प्रतिभा को सबसे समक्ष ला सके. राजा के आयोजन में ये दोनो मित्र मित्र भी शामिल हुए.
खाने-पीने के बाद राजा सभी को तालाब के पास ले जाता है और कहता है -
”आप इस तालाब को देख रहे हैं, इसमें एक से एक खतरनाक जीव हैं, अगर आपमें से कोई इसे तैर कर पार कर ले तो मैं उसे आधा राज्य या अपनी बेटी का हाथ दूंगा.

”सभी लोग तालाब की तरफ देखते हैं पर किसी की भी हिम्मत नहीं होती है कि उसे पार करे….लेकिन तभी छपाक से आवाज होती है और उसी राज्य का वह प्रतिभाशाली नवयुवक उसमें कूद जाता है. वास्तव में वह स्वयं नहीं कूदता है, बल्कि उसका मित्र, जो उसकी प्रतिभा को पहचानता था उसी ने उसे धक्का दिया था. और जब कूद ही गया तो वह अपनी प्रतिभा के बल पर मगरमच्छों, साँपों इत्यादि से बचता हुआ तालाब पार कर जाता है.
सभी लोग उसकी इस बहादुरी को देख हैरत में पड़ जाते हैं. राजा को भी यकीन नहीं होता है कि कोई ऐसा कर सकता है. इतने सालों में किसी ने तालाब पार करना तो दूर उसका पानी छूने तक की हिम्मत नहीं की. वो उस नवयुवक को बुलाता है,  ”नौजवान, आज तुमने बहुत ही हिम्मत का काम किया है,  तुम सचमुच बहादुर हो बताओ तुम कौन सा इनाम चाहते हो.”  लड़का राजकुमारी का हाथ मांगता है. चूंकि राजा की और कोई संतान नहीं थी, इसलिए उस लड़के को ही अपना उत्तराधिकारी बना लेता है.

इसी तरह हमारे अंदर भी प्रतिभा है, बस थोड़ा सा धक्का और अवसर मिलने भर की देर है.
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